जैसलमेर में रामनवमी की धूम: स्वर्ण नगरी में गूंजा 'जय श्री राम', 'लव जिहाद' की झांकी रही चर्चा में
Jai Shri Ram' Chants Reverberate Through the 'Golden City'; 'Love Jihad' Tableau Sparks Discussion
जैसलमेर: Jai Shri Ram' Chants Reverberate Through the 'Golden City'; 'Love Jihad' Tableau Sparks Discussion, सीमावर्ती जिले जैसलमेर में रामनवमी का पर्व अगाध श्रद्धा, अभूतपूर्व उत्साह और सांस्कृतिक भव्यता के साथ मनाया गया। रेगिस्तान की सुनहरी रेत पर जब 'जय श्री राम' के उद्घोष गूंजे, तो पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। शहीद पूनम सिंह स्टेडियम से निकली विशाल शोभायात्रा ने इस बार न केवल धार्मिकता, बल्कि सामाजिक संदेशों की वजह से भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब
उत्सव का आगाज शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में भगवान रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यहां आयोजित धार्मिक सभा में वक्ताओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य बना दिया।
'लव जिहाद' की झांकी ने दिया कड़ा संदेश
इस बार शोभायात्रा में धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ समसामयिक मुद्दों को भी जगह दी गई। झांकियों के बीच 'लव जिहाद' के मुद्दे पर आधारित एक विशेष झांकी चर्चा का विषय बनी। इस झांकी के माध्यम से धर्म की प्रधानता पर जोर देते हुए 'लव जिहाद' के कल्चर पर प्रहार किया गया और समाज को जागरूक रहने का कड़ा संदेश दिया गया।
कलश यात्रा और पुष्पवर्षा में उमड़े शहरवासी
स्टेडियम से रवाना हुई शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान दृश्य अत्यंत मनमोहक था। सैंकड़ों महिलाएं और बालिकाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए मंगल गान कर रही थीं। शहरवासियों ने छतों और रास्तों से शोभायात्रा पर फूलों की बारिश कर रामभक्तों का स्वागत किया।
खियां का 'गैर नृत्य' और जीवंत झांकियां
शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने हर किसी का मन मोह लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूप में सजे नजर आए। विशेष रूप से खियां गांव के ग्रामीणों द्वारा किया गया पारंपरिक 'गैर नृत्य' आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा, जिसने रेगिस्तानी संस्कृति की छटा बिखेर दी। इतने बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जैसलमेर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। शोभायात्रा के पूरे मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। ट्रैफिक व्यवस्था को इस तरह संभाला गया कि श्रद्धालुओं और आमजन को कोई असुविधा न हो।